यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर परिवहन विभाग सख्त, सागर संभाग में चला विशेष चेकिंग अभियान

सागर: प्रदेश में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों और यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देश पर पूरे मध्य प्रदेश सहित सागर संभाग में यात्री बसों की सघन जांच के लिए विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बस संचालकों द्वारा नियमों के पालन की स्थिति की जांच करना है।

सागर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के नेतृत्व में आरटीओ उड़नदस्ता और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने मुख्य मार्गों तथा आरटीओ कार्यालय के सामने विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाली यात्री बसों को रोककर उनके सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान बसों में मौजूद सुरक्षा सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने यह जांच की कि बसों में आपातकालीन द्वार सही स्थिति में हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा गया कि इमरजेंसी एग्जिट के सामने अतिरिक्त सीटें लगाकर रास्ता अवरुद्ध तो नहीं किया गया है। कई बसों में नियमों का उल्लंघन करते हुए इमरजेंसी गेट के सामने अतिरिक्त सीटें लगी मिलीं, जिन्हें विभागीय टीम ने मौके पर ही हटवाया।

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इसके अलावा बसों में 10 किलो क्षमता वाले अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति की जांच की गई। यात्रियों के सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए यह भी देखा गया कि बसों में चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग द्वार हैं या नहीं। स्लीपर बसों में ड्राइवर केबिन और यात्रियों के बीच अवैध पार्टीशन की भी जांच की गई।

परिवहन विभाग ने अभियान के दौरान कुल 48 यात्री बसों की जांच की। इस दौरान फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा दस्तावेज, ड्राइवरों के वैध लाइसेंस और बैज की भी जांच की गई। टीम ने बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, हेडलाइट, इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर और ओवरलोडिंग की स्थिति का भी निरीक्षण किया।

जांच के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई और कुल 10 हजार 500 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। विभागीय अधिकारियों ने बस चालकों और संचालकों को सख्त चेतावनी दी कि ओवरस्पीडिंग, लापरवाही और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपातकालीन द्वार और सुरक्षा उपकरण दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए सभी बस संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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    Rashel Kachwah Rajput

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