
सागर: कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में प्रतिभा पाल ने जिले के विकास कार्यों, उपार्जन व्यवस्था और जन शिकायतों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्य में देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मानसून की तैयारियों को लेकर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिले के सभी नगरीय निकायों को ‘ड्राइव मोड’ में अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह विशेष कार्रवाई करते हुए नालियों और नालों पर किए गए सभी अतिक्रमण हटाए जाएं, ताकि बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न न हों। कार्रवाई से पहले संबंधित क्षेत्रों में मुनादी कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर जेसीबी मशीनों की सहायता से नालों की सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून पूर्व सभी जल निकासी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं।
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किसानों से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और खाद वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने चना और मसूर के परिवहन में आ रही समस्याओं को तत्काल दूर करने के लिए डीडीए को स्वयं उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि जितना परिवहन कार्य पूरा हो चुका है, उसका उसी दिन अनिवार्य रूप से एसी नोट जारी किया जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायतों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने डीआरसीएस को समितियों का दौरा कर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और आरसीएमएस मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया गया।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े प्रकरण किसी भी स्थिति में 45 दिन से अधिक लंबित नहीं रहने चाहिए। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में पुराने और विरासत रिकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया। इसके साथ ही सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने और कार्यालयीन कार्यप्रणाली को डिजिटल सिस्टम के अनुरूप ढालने के निर्देश भी दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को लेकर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सीएमएचओ को प्रदर्शन सुधारकर विभाग को ‘ए ग्रेड’ में लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि महीनों से लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की और सबसे पुराने मामलों में संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
बैठक में निजी भूमि पर अवैध कब्जा, रास्तों पर अतिक्रमण और भू-अर्जन से जुड़े मामलों को भी गंभीरता से उठाया गया। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का निराकरण आवेदकों की संतुष्टि के साथ किया जाए। साथ ही समय-सीमा के पत्रों का जवाब लंबित रखने वाले विभागों को तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और सीएम मॉनिट तथा आयोग से प्राप्त लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन सहित सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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