
सागर/ मनीष चौबे: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो पूज्य जैन आर्यिकाओं की असमय समाधि (निधन) की दुखद घटना से पूरे जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश है। कार चालक की घोर लापरवाही के कारण घटित इस हादसे के विरोध में आज सोमवार को सकल दिगंबर जैन समाज, सागर द्वारा एक विशाल मौन जुलूस निकाला गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से जैन समाज ने देश-प्रदेश में विहार कर रहे साधु-संतों और साध्वियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की।
गौराबाई जैन मंदिर से शुरू हुआ मौन प्रदर्शन
सोमवार सुबह कटरा, नमक मंडी स्थित ऐतिहासिक श्री गौराबाई दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में जैन समाज के सैकड़ों धर्मावलंबी और प्रबुद्ध नागरिक एकत्रित हुए। यहाँ से समाज के पुरुष और महिलाएँ हाथों में तख्तियां लिए मौन जुलूस के रूप में आगे बढ़े। पूरे रास्ते में बिना किसी नारेबाजी के शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया यह मौन जुलूस जैन धर्म की मूल भावना ‘अहिंसा’ को प्रदर्शित कर रहा था। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ कोतवाली थाने पहुँचा, जहाँ समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति में थाना प्रभारी कोतवाली को मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
जैन समाज की मुख्य माँगें और चिंताएँ
ज्ञापन सौंपने के दौरान जैन समाज के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मुख्य चिंताएँ रखीं। समाज का कहना है कि जैन संत और साध्वियां आजीवन पैदल विहार (भ्रमण) करते हैं। ऐसे में उनके विहार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम करना और उन्हें सुरक्षित मार्ग देना पूर्णत प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी है।
रीवा जैसी हृदयविदारक घटनाएँ तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों की वजह से होती हैं। ऐसे दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।
जैन संतों के विहार के समय नेशनल हाईवे और मुख्य स्टेट हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग या विशेष सुरक्षा गार्ड्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अहिंसा के मार्ग पर चलने वालों की रक्षा हो
“जैन साधु-संत और आर्यिकाएँ बिना किसी भौतिक साधन के, केवल आत्म-कल्याण और जगत-कल्याण के लिए अहिंसा, संयम और शांति के मार्ग पर पैदल चलते हैं। ऐसे त्यागी और तपस्वी संतों के सम्मान व सुरक्षा के लिए आज पूरा जैन समाज एकजुट है। यदि प्रशासन ने जल्द ही संतों के विहार को लेकर कोई ठोस और प्रभावी सुरक्षा नीति नहीं बनाई, तो समाज को आगे उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।”— जैन समाज प्रतिनिधि, सागर
इस मौन जुलूस में दिगंबर जैन पंचायत के पदाधिकारी, महिला मंडल, युवा विंग और बड़ी संख्या में स्थानीय जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस दुखद घड़ी में अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
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