
उज्जैन/गोंविद शर्मा की रिपोर्ट: घट्टिया में मंगलवार को नर्मदा पाइपलाइन से वंचित गांवों के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। “नर्मदा लाओ खेत बचाओ संघर्ष समिति” के बैनर तले करणी सेना और देवसेना के साथ बड़ी संख्या में किसानों ने तहसील कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर लगभग 6 घंटे तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया।
किसानों का आरोप है कि क्षेत्र के करीब 60 से 65 गांव आज भी नर्मदा पाइपलाइन योजना से वंचित हैं, जिसके कारण भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और सिंचाई के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने कहा कि भीषण गर्मी और पानी की कमी के कारण कृषि पूरी तरह प्रभावित हो रही है और उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।
धरना शुरू होने के बाद एसडीएम राजाराम करजरे मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। उन्होंने समस्या के समाधान का मौखिक आश्वासन दिया, लेकिन किसान लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद जल संसाधन विभाग के एसडीओ अजय बघेल को बुलाया गया। उन्होंने मौके पर किसानों को लिखित आश्वासन पत्र सौंपा और बताया कि तिलावद बैराज योजना के तहत कुछ गांवों को जोड़ा जा रहा है तथा बाकी गांवों के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि चार महीने के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वे भोपाल कूच करेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर काले झंडों से विरोध प्रदर्शन करेंगे। धरना स्थल पर थाना प्रभारी करण खोवाल सहित पुलिस बल तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
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