
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के राजस्व प्रशासन की शीर्ष जिम्मेदारियों पर महिला आईएएस अधिकारियों की मजबूत उपस्थिति देखने को मिल रही है। सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं प्रमुख सचिव राजस्व की जिम्मेदारी पहले से अपर्णा यू संभाल रही हैं, जबकि राजस्व परिषद में सचिव एवं आयुक्त पद पर कंचन वर्मा तैनात हैं।
1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल वर्तमान में परिवहन विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वह उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। अब उन्हें प्रदेश की महत्वपूर्ण संस्था राजस्व परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और विभिन्न विभागों में प्रभावी नेतृत्व को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्व विभाग की नीतिगत और प्रशासनिक जिम्मेदारियां पहले से ही 2001 बैच की आईएएस अधिकारी अपर्णा यू के पास हैं। उन्हें इसी वर्ष प्रमुख सचिव राजस्व नियुक्त किया गया था। राजस्व विभाग भूमि प्रबंधन, भू-अभिलेख, भूमि अधिग्रहण, राजस्व प्रशासन और उससे जुड़े विभिन्न मामलों का प्रमुख विभाग माना जाता है।
इसके अलावा 2005 बैच की आईएएस अधिकारी कंचन वर्मा राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश में आयुक्त एवं सचिव के रूप में कार्यरत हैं। परिषद के प्रशासनिक संचालन, अपीलों के निस्तारण और विभिन्न राजस्व मामलों के प्रबंधन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश राज्य की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक संस्थाओं में से एक मानी जाती है। यहां भूमि विवाद, राजस्व संबंधी अपीलें, भू-अभिलेख और प्रशासनिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में परिषद के अध्यक्ष, प्रमुख सचिव राजस्व और सचिव स्तर की जिम्मेदारियों पर महिला अधिकारियों की तैनाती प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रदेश सरकार का यह निर्णय महिलाओं को प्रशासनिक नेतृत्व में आगे बढ़ाने की नीति का एक और उदाहरण माना जा रहा है। विभिन्न विभागों, आयोगों, निगमों और प्रशासनिक संस्थाओं में महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपकर सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी को लगातार मजबूत कर रही है। राजस्व प्रशासन की शीर्ष संरचना में महिला अधिकारियों की मौजूदगी को सुशासन, प्रशासनिक दक्षता और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि शासन व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका भी और अधिक सशक्त होगी।
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