
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़ : बुरहानपुर जिले में मोबाइल टावरों से कीमती तांबे की केबल चोरी करने वाले हाईटेक अंतर-जिला गिरोह का नेपानगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹1 लाख 29 हजार 200 कीमत की चोरी की केबल और वारदात में इस्तेमाल किए गए आधुनिक उपकरण जब्त किए हैं।
मोबाइल कंपनी का इंजीनियर बताकर टावरों की रेकी
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया, जो खुद को मोबाइल कंपनी का इंजीनियर बताकर टावरों की रेकी करता था। आरोपी फर्जी आईडी कार्ड, लैपटॉप और औजारों के साथ दिनदहाड़े टावरों पर पहुंचते थे, जिससे लोगों को लगता था कि कोई अधिकृत मेंटेनेंस कार्य चल रहा है।
टावर से करीब 200 मीटर लंबी तांबे की केबल चोरी
मामला तब सामने आया जब बीएसएनएल के जेटीओ लतेन्द्र बिल्लोरे ने थाना नेपानगर में शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम सीवल स्थित टावर से करीब 200 मीटर लंबी तांबे की केबल चोरी हो गई है। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से संदिग्ध बलेनो कार का सुराग निकाला और घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोच लिया।
टावरों की तकनीकी जानकारी और केबल की कीमत का पूरा अंदाजा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी दिलीप चौधरी पहले एयरटेल कंपनी में टावर मेंटेनेंस का काम करता था, इसलिए उसे टावरों की तकनीकी जानकारी और केबल की कीमत का पूरा अंदाजा था। नौकरी छोड़ने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी का संगठित गिरोह बना लिया। आरोपी 60 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर कटर से केबल काटते और छोटे-छोटे टुकड़ों में भरकर फरार हो जाते थे।
टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा
पुलिस ने आरोपी आशुतोष मीणा निवासी खंडवा और दिलीप चौधरी निवासी हरदा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि यशवंत राजपूत और रतन मीणा अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
नेपानगर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए एसपी ने पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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