
पश्चिम बंगाल/आदित्य शंकर तिवारी: पश्चिम बंगाल में चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों के 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें पिछली बार के वोटिंग का रिकार्ड टुटा, शाम 5 बजे तक 89.93 फीसदी मतदान हुआ।

निर्वाचन आयोग के अनुसार इस बार चुनाव में कुल 1 हजार 478 उम्मीदवार मैदान में है। 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 44 हजार से अधिक मतदान केन्द्र स्थापित किए गये हैं। इनमें से सात हजार 384 मतदान केन्द्रों को अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है। इस चरण में तीन करोड़ 60 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
यह वोटिंग 44,376 बूथों पर हो रही है, जिसमें लगभग 3,000 सहायक बूथ भी शामिल हैं। 5,444 बूथों का प्रबंधन महिलाएं करेंगी और 207 मॉडल बूथ भी बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मतदान का दूसरा चरण अगले बुधवार को होगा।
भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु सरकार पर हमला
यह चुनाव TMC और BJP के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है, विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान हिंसा की गंभीर घटना सामने आई है। बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर कथित रूप से भीड़ ने हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि नेता को भीड़ दौड़ा रही है और उनके साथ मारपीट की जा रही है।
क्या है पूरा मामला ?
बताया जा रहा है कि यह घटना दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमरगंज इलाके की है, जहां मतदान के दौरान तनाव की स्थिति बनी हुई थी। आरोप है कि शुभेंदु सरकार बूथ कब्जाने के विरोध में पहुंचे थे, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया।
बीजेपी का आरोप
बीजेपी ने इस हमले के लिए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव के दौरान जानबूझकर हिंसा कर माहौल बिगाड़ा जा रहा है।
टीएमसी की प्रतिक्रिया
वहीं, TMC की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
चुनाव में बढ़ती हिंसा पर चिंता
इस घटना के अलावा भी राज्य के कई इलाकों से हिंसा, झड़प और बमबाजी की खबरें आई हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुर्शिदाबाद में देर रात नौदा विधानसभा क्षेत्र के शिवनगर इलाके में हुए बम विस्फोट के बाद निवासियों में दहशत फैल गई, जिससे तनाव का माहौल फिर से बढ़ गया था।
इसके बाद डोमकल ब्लॉक से ताजा हिंसा की खबर मिली, जिससे मतदान से पहले पूरे जिले में बेचैनी का माहौल और बढ़ गया था। रायपुर के सरदारपारा इलाके में सीपीआईएम और टीएमसी समर्थकों के बीच देर रात झड़प हिंसक हो गई, जिसमें दोनों पक्षों के कम से कम तीन लोग घायल हो गए। इनमें से एक सीपीआईएम कार्यकर्ता की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोनों समूहों के बीच कहासुनी तेजी से बढ़ गई और लोग एक-दूसरे पर धारदार हथियारों से हमला करने लगे। स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप किया और घायलों को इलाज के लिए डोमकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचाया।
मुर्शिदाबाद में ममता-हुमायूं कबीर समर्थक भिड़े
मुर्शिदाबाद के नौदा विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग के दौरान टीएमसी और हुमायूं कबीर पार्टी के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हुमायूं कबीर के समर्थक ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनकी कार में तोड़फोड़ की और उन्हें निशाना बनाया। इस मामले की गंभीरता को देख कर स्थानीय पुलिस अतिरिक्त एसपी मजीद खान ने अपनी पुलिस कार्रवाई की। इस कार्रवाई पर हुमायूं कबीर के समर्थक ने टीएमसी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए इस पुलिस के ऊपर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
नौदा विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग के दौरान झड़प और पत्थरबाजी में हुमायूं कबीर पार्टी के समर्थक वोटिंग केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना पर चुनाव आयोग ने मामले का त्वरित संज्ञान में लिया और सुरक्षा बलों को तैनात कर स्थिति को कंट्रोल करने का प्रयास किया जा रहा है।
आसनसोल में अग्निमित्रा पाल की कार पर पथराव, शीशे टूटे
अग्निमित्रा पाल पर हमले की घटना आसनसोल दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र की है। इस हिंसा ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। यह हमला आसनसोल के रहमत नगर इलाके का है। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वाइरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा विधायक अग्निमित्रा पाल जब एक मतदान केंद्र से बाहर निकल रही थीं, तब उनकी चलती कार पर भीड़ द्वारा पत्थराव किया गया। एक बड़ा पत्थर उनके वाहन के कांच पर फेंका गया, जिससे उनकी कार का पिछला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
इस भीषण हमले में अग्निमित्रा पाल बाल-बाल बच गईं। लेकिन उनके साथ कार में मौजूद उनके निजी सचिव को मामूली चोटें आई हैं। साथ ही, उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना के तुरंत बाद अग्निमित्रा पाल ने हीरापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है ।
अग्निमित्रा पाल ने इस घटना का सीधा आरोप तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर लगाया है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में उन्हें डराने और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए यह हमला किया गया। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘विफल मुख्यमंत्री’ करार दिया।
चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए वीडियो में दिख रहे आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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