योगी सरकार ने बाढ़ नियंत्रण की रणनीति में किया बड़ा बदलाव, नदियों की क्षमता बढ़ाकर करोड़ों रुपये की बचत और किसानों की जमीन अधिग्रहण में आएगी कमी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बाढ़ नियंत्रण और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीति अपनाई है। सरकार अब पारंपरिक और महंगे तरीकों की जगह आधुनिक एवं कम खर्चीले उपायों पर जोर दे रही है। इससे जहां करोड़ों रुपये की बचत होगी, वहीं किसानों की जमीनों के अधिग्रहण की समस्या भी कम होगी।

सरकार मानसून से पहले नदियों और बड़े नालों की जल वहन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर गाद और कीचड़ निकालने का कार्य करा रही है। पहले बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़े तटबंध, पत्थरों की मेड़, गैबियन दीवारें और बांध बनाए जाते थे, जिन पर भारी खर्च आता था। अब सरकार नदी के प्राकृतिक बहाव को बेहतर बनाने और उसकी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है।

प्रदेश सरकार के अनुसार नए मॉडल के जरिए बाढ़ प्रभावित जिलों में करीब 40.72 लाख हेक्टेयर भूमि को सुरक्षित किया गया है, जिससे 3 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है। लखीमपुर खीरी में बाढ़ सुरक्षा परियोजना के तहत नदी से गाद निकालकर उसकी क्षमता बढ़ाई गई। इस कार्य पर केवल 22 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि पुराने तरीके से यही काम लगभग 180 करोड़ रुपये में होना था।

ये भी पढ़े – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया जनगणना-2027 के पहले चरण का शुभारंभ, बोले- सही आंकड़े ही समग्र और समावेशी विकास की मजबूत नींव

इसी तरह बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज और सरयू क्षेत्र में नए मॉडल के तहत केवल 5 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि पहले इसके लिए लगभग 115 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था। बाढ़ नियंत्रण विभाग और इंजीनियरों ने घाघरा, शारदा और सुहेली नदियों के कई हिस्सों में 9 से 16 किलोमीटर तक गाद निकालकर पानी की क्षमता बढ़ाई है। इससे हर साल मानसून में तटबंध निर्माण के लिए किसानों की कृषि भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता कम होगी।

योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों में करीब 1665 बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं पूरी की गई हैं। साथ ही 60 से अधिक नदियों से गाद निकासी और कई नहरों का निर्माण कराया गया है। सरकार वर्ष 2026 से उच्च जोखिम वाली नदियों और नालों की ड्रोन और सेंसर आधारित निगरानी भी शुरू करने जा रही है। इससे बाढ़ की स्थिति पर रियल टाइम नजर रखी जा सकेगी।

सरकार का उद्देश्य स्पर निर्माण, जियो बैग्स, पुराने ढांचों की मरम्मत और आपातकालीन बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर होने वाले भारी खर्च को कम करना है। हालांकि पुराने तरीकों को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके बेहतर विकल्प तैयार किए जाएंगे।

ये भी पढ़े – भर्ती में न रिश्वत, न सिफारिश… सिर्फ मेरिट का सम्मान; 481 युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर बोले सीएम योगी

 

  • yogi-government-new-flood-control-strategy-up-news-hindi
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का चौथा संस्करण…

    AI रोबोटिक्स सीखेंगे छात्र: अयोध्या पॉलीटेक्निक में बनेगा हाईटेक सेंटर, 7 करोड़ से ज्यादा की लागत

    अयोध्या के राजकीय पॉलीटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का…

    You Missed

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना