
सागर/मनीष चौबे: सागर के प्रतिष्ठित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 30 वर्षीय गर्भवती महिला, संध्या अहिरवार, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
परिजनों के अनुसार, संध्या को 17 तारीख को प्रसव (डिलीवरी) के लिए बीएमसी में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने ठीक इलाज नहीं किया। परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया,कथित तौर पर इलाज में देरी की गई और समय पर ऑपरेशन नहीं किया गया।
अचानक बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह करीब 5 बजे संध्या की स्थिति अचानक गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में उसे मृत घोषित कर दिया गया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों की मांग और प्रशासन का रुख
मृतका के परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषी नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। रिश्वत मांगने के दावों की उच्च स्तरीय जांच की जाए। अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाए ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो।
फिलहाल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर खड़े हुए सवाल
यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की लचर व्यवस्था और संवेदनहीनता को उजागर करती है। जहाँ एक ओर सरकार सुरक्षित मातृत्व के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर एक प्रसूता की जान चले जाना सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।
- Saga-30-year-old-pregnant-woman-dies-in BMC-family-makes-serious-allegations









