
अनूपपुर: रेलवे आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी साख को लेकर मंगलवार को एकजुट होकर प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में अलग-अलग हिस्सों के करीब 200 कर्मचारियों ने अपनी-अपनी चुनौती को तय रास्ते से उठाया।
दोपहर करीब 2 बजे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय खंड का सीमांत जिले को प्राथमिकता दी। इसी क्रम में दादा ताराचंद यादव, राजेश सिंह परिहार, सुमित बक्शरिया और सुनील सोसाग का नेतृत्व प्रस्तुत किया गया। इस दौरान अतिरिक्त अधिकारी दिलीप पैवेलियन और नगर निरीक्षक अरविंद जैन भी मौजूद रहे।
ठोस नीति बनाने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हें न तो सामाजिक सुरक्षा मिल रही है और न ही उनके कार्य के लिए नियमित वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने आउटसोर्स सेवा नियम अधिनियम लागू करने या आउटसोर्स निगम के गठन की मांग रखी।
ये भी पढ़े – अनूपपुर में गूंजा “जय परशुराम”! भव्य आयोजन में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
इसके अलावा लेबर फर्म के कर्मचारियों ने ओवरटाइम भुगतान पर 8 घंटे से अधिक काम लिया, बिचौलिया ने सीधे वेतन भुगतान समाप्त कर दिया, हर महीने समय पर वेतन और वेतन पर्ची की मांग की। साथ ही अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि और नियमित भर्ती में प्राथमिकता देने की बात भी कही गई।
कर्मचारियों ने नौकरी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और बिना कारण बताए सेवा समाप्ति पर रोक लगा दी, ई-संस्था और ई-पीएफ जैसी सुविधाएं लागू करने और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की गई। इसके साथ ही 20 लाख रुपये का कैजुअल्टी इंश्योरेंस, 62 साल तक की सेवा का प्रोविजन और जारी किए गए दस्तावेजों पर समायोजित और नियमितीकरण की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल रही।
कार्यक्रम के अंत में ऑटोमोबाइल ने चेतावनी दी कि यदि उनके अवकाश पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह कर्मचारियों की एकजुटता का प्रतीक बना और प्रशासन का ध्यान उनके सहयोगियों की ओर आकर्षित करने के लिए सफल रहा।
ये भी पढ़े – अनूपपुर: केरहाधाम की अमृतधारा पर संकट, संरक्षण की उठी मांग
- anuppur-outsourced-employees-protest-17-point-demand-memorandum










