
नई दिल्ली/टोक्यो: भारत और जापान ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। इस संबंध में जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति मंत्री और अंतरिक्ष नीति राज्य मंत्री ओनोडा किमी ने भारत का दौरा कर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से उच्च स्तरीय मुलाकात की।
बैठक में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, चिकित्सा उपकरण, क्वांटम तकनीक और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। इस दौरान भारत की संस्थाओं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा जापान की AMED के बीच सहयोग ज्ञापन (MoC) का आदान-प्रदान किया गया।
इसके अलावा क्वांटम विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच एक आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर हुए, जिससे अगली पीढ़ी की तकनीकों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत और जापान की तकनीकी क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं, जहां जापान उन्नत तकनीक देता है, वहीं भारत प्रतिभाशाली मानव संसाधन उपलब्ध कराता है।
वहीं जापानी मंत्री ओनोडा किमी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत के युवा शोधकर्ता वैश्विक स्तर पर मजबूत योगदान दे रहे हैं। बैठक में क्वांटम कंप्यूटिंग, स्वच्छ ऊर्जा, एआई, साइबर-फिजिकल सिस्टम्स और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
दोनों देशों ने सहमति जताई कि भविष्य में शोधकर्ताओं, संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाकर विज्ञान और तकनीक को समाजोपयोगी परिणामों में बदला जाएगा, जिससे भारत–जापान साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।
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