
मध्य प्रदेश की नौकरशाही से जुड़ा एक मामला इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रमोटी आईपीएस अधिकारी से ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों को भी असहज कर दिया। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान बड़े साहब विभागीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे और उसी दौरान उनकी नजर एक प्रमोटी आईपीएस अधिकारी पर पड़ी।
सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारी ने अचानक उस अधिकारी से पूछ लिया — “आप कौन हैं?” यह सवाल सुनते ही बैठक में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। वहां मौजूद कई अधिकारी इस स्थिति से असहज नजर आए। बताया जा रहा है कि संबंधित प्रमोटी आईपीएस अधिकारी विभाग और फील्ड दोनों स्तर पर लंबे समय से कार्य कर चुके हैं और उन्हें प्रशासनिक अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है।
चर्चा यह भी है कि सवाल पूछे जाने के बाद अधिकारी ने शांत तरीके से अपना परिचय दिया। हालांकि घटना के बाद नौकरशाही के भीतर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोग इसे सामान्य औपचारिकता बता रहे हैं, जबकि कई अधिकारी इसे प्रशासनिक संवेदनशीलता और आपसी सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। खासकर इसलिए क्योंकि प्रमोटी अधिकारियों और सीधे भर्ती अधिकारियों के बीच कार्यशैली और पहचान को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र के भीतर संवाद, व्यवहार और वरिष्ठ-जूनियर संबंधों को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि मामले को लेकर किसी भी अधिकारी की ओर से सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना नौकरशाही के गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
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