
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में नाफेड और एनसीसीएफ के साथ उपार्जन व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में किसानों को फसलों का बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम मिल रहा है, वहां हर हाल में प्रभावी और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उपार्जन को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानकर मिशन मोड में चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर भी उत्पादन, संभावित आवक और खरीद क्षमता का आकलन कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि किसानों को एमएसपी का वास्तविक लाभ मिल सके।
बैठक में चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि जहां किसानों को एमएसपी से कम दाम मिल रहे हैं, वहां खरीद प्रक्रिया में तेजी लाना अनिवार्य है। उन्होंने उपार्जन केंद्रों की संख्या, खरीद क्षमता, गुणवत्ता संबंधी समस्याएं, भुगतान व्यवस्था और जिला स्तर की बाधाओं की प्रतिदिन निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जहां भी समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान किया जाए।
मसूर खरीद की समीक्षा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से बाजार भाव की ताजा जानकारी जुटाने और जरूरत वाले क्षेत्रों में खरीद तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में किसानों को भुगतान में देरी का मुद्दा भी सामने आया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने भुगतान प्रक्रिया को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक में बिहार में डीबीटी व्यवस्था की कमी, गुजरात में भुगतान में देरी, महाराष्ट्र में लंबित डेटा और विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक बाधाओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि यदि किसी राज्य की प्रक्रिया किसानों की खरीद में बाधा बनती है, तो केंद्र सरकार सक्रिय हस्तक्षेप कर समाधान सुनिश्चित करेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य तभी सफल होगा जब किसानों को भरोसा होगा कि जरूरत पड़ने पर उनकी उपज एमएसपी पर खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उचित मूल्य, त्वरित भुगतान और मजबूत खरीद व्यवस्था देने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
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