
वॉशिंगटन/यूएसए: अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के कॉम्पट्रोलर जुलस हर्स्ट III ने हाउस एप्रोप्रिएशंस सबकमेटी के समक्ष बताया कि ईरान में चल रहे युद्ध की कुल लागत बढ़कर लगभग $29 बिलियन (करीब ₹2.4 लाख करोड़) तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा अप्रैल के अंत में लगभग $25 बिलियन था, यानी कुछ ही समय में खर्च में तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
हर्स्ट के अनुसार युद्ध लागत में बढ़ोतरी का मुख्य कारण सैन्य उपकरणों की मरम्मत, पुराने हथियारों का प्रतिस्थापन और युद्ध क्षेत्र में बढ़ता परिचालन खर्च है। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती दिनों में ही बड़ी राशि खर्च हो चुकी है, जिससे कुल बजट दबाव में आ गया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पुष्टि की कि शुरुआती छह दिनों में ही लगभग $11 अरब डॉलर से अधिक खर्च हो गया था।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने माल्टा ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एगियोस फानोरियोस’ को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोक दिया। हालांकि टैंकर में ईरानी तेल मौजूद नहीं था, लेकिन नाकेबंदी (Blockade) से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आधार पर यह कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति और अधिक संवेदनशील मानी जा रही है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है।
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