
कुआलालंपुर: भारतीय खेल जगत के लिए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स MMA के मैदान से एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। रेसलिंग (कुश्ती) की दुनिया से एमएमए में कदम रखने वाले स्टार फाइटर संग्राम सिंह एशियन चैंपियनशिप का प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले देश के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। रविवार को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में संग्राम सिंह ने पाकिस्तानी फाइटर मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकंड के भीतर धूल चटाकर नया इतिहास रच दिया। एमएमए के करियर में किसी भी पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संग्राम सिंह की यह दूसरी और कुल मिलाकर चौथी शानदार जीत है।
एमएमए में संग्राम सिंह का अजेय रथ बरकरार
इस धमाकेदार जीत के साथ ही संग्राम सिंह ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) के रिंग में अपना कभी न हारने वाला (अजेय) रिकॉर्ड कायम रखा है। उन्होंने अब तक खेले अपने सभी मुकाबलों में विरोधियों को पस्त किया है। आबिद अली से पहले संग्राम सिंह पाकिस्तान के ही अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हकीम त्राबेसी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर जैसे अंतरराष्ट्रीय फाइटर्स को करारी शिकस्त दे चुके हैं। अपनी इस ऐतिहासिक खिताबी जीत को देश के नाम करते हुए संग्राम सिंह ने कहा कि वे इस जीत को 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित करते हैं, क्योंकि रिंग में उतरने के बाद उनका एकमात्र मकसद दुनिया के सामने भारत के तिरंगे का मान और गौरव बढ़ाना होता है।
रोमांचक मुकाबला: जब पाकिस्तानी फाइटर ने किया पहला वार
संग्राम सिंह के कोच भूपेश कुमार ने मैच के रोमांचक पलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तानी फाइटर मोहम्मद आबिद अली के पास पंचिंग (मुक्केबाजी) की एक बेहतरीन तकनीक थी। मैच की शुरुआत होते ही आबिद ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए संग्राम पर तेज पंच बरसाने शुरू कर दिए, लेकिन संग्राम ने चालाकी से खुद का बचाव किया। आबिद का कद लंबा होने के कारण उन्हें ‘रीच’ (दूरी का फायदा) का अतिरिक्त लाभ मिल रहा था और इसी दौरान उनका एक जोरदार पंच सीधे संग्राम सिंह की आंख के पास जा लगा। इस सटीक वार के बावजूद संग्राम ने अपना मानसिक संतुलन और संयम बनाए रखा तथा कोई भी जल्दबाजी न दिखाते हुए सही मौके का इंतजार किया।
केवल 80 सेकंड में रेसलिंग तकनीक से किया चित
भले ही पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली खुद रेसलिंग की पृष्ठभूमि से एमएमए में आए हैं, लेकिन इस मैच में संग्राम सिंह का बरसों पुराना कुश्ती का अनुभव उनके कौशल पर पूरी तरह भारी पड़ा। मैच शुरू होने के ठीक 30वें सेकंड में संग्राम ने एक जबरदस्त और अप्रत्याशित ‘लेग अटैक’ (पैरों पर हमला) किया और पलक झपकते ही आबिद का ‘एंकल होल्ड’ (टखने पर मजबूत पकड़) बना लिया, जिसने भारतीय फाइटर की जीत की नींव रख दी।
इसके बाद जब आबिद ने रिंग के केज (लोहे के पिंजरे) के किनारे का सहारा लेकर खुद को बचाने और संग्राम के इस हमले को नाकाम करने की कोशिश की, तो संग्राम ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए आबिद को केज के कोने से घसीटकर वापस रिंग के बीच में खींच लिया। इसी स्थिति में बने रहते हुए संग्राम ने आबिद के गले पर ऐसा खतरनाक ‘चोक’ (सबमिशन होल्ड) लगाया कि पाकिस्तानी फाइटर के पास घुटने टेकने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा और भारत ने इतिहास रच दिया।
अर्जेंटीना की जीत जैसी रही रणनीति
कोच भूपेश कुमार ने मुकाबले के विश्लेषण में कहा कि शुरुआत में आबिद की अच्छी लंबाई और तेजी से पंच मारने की क्षमता को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह मुकाबला काफी लंबा और कड़ा खिंचेगा। हालांकि, अंत में संग्राम का रेसलिंग का विशाल अनुभव ही सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। गौरतलब है कि संग्राम सिंह ने इससे पहले अर्जेंटीना में हुए अपने पिछले मुकाबले में भी ठीक इसी प्रकार के लेग अटैक की जादुई तकनीक का इस्तेमाल करके अपने प्रतिद्वंद्वी को रिंग में चित किया था।
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