
दिल्ली/आदित्य शंकर तिवारी: CJI सूर्यकांत के कॉकरोच वाले बयान के विरोध में बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का गुरुवार को एक्स पर अकाउंट बैन हो गया है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर CJP के अकाउंट बैन करने की जानकारी दी। CJP के सोशल मीडिया पर 6 दिन में लाखों फॉलोअर हो गए हैं।
गुरुवार दोपहर 12:55 बजे तक यह आंकड़ा इंस्टाग्राम पर 1.26 करोड़ तक पहुंच गया। इंस्टाग्राम पर भाजपा के 87 लाख और कांग्रेस के 1.33 करोड़ फॉलोअर्स हैं।
वहीं, X पर 12 बजे तक पार्टी के करीब 1 लाख 93 हजार फॉलोअर्स थे, लेकिन अब एक्स ने पार्टी के अकाउंट को भारत में बैन कर दिया है। पार्टी का फेसबुक पर अकाउंट नहीं है।
सोशल मिडिया (X) अकाउंट हुआ ब्लॉक
अभिजीत ने जारी किया पार्टी का लोगो
कॉकरोच जनता पार्टी का नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ इसका लोगो भी बनाया गया था।
15 मई को मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। CJI सूर्यकांत ने एक दिन बाद ही कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा। इसी के बाद यह पार्टी बनाई गई थी।
कॉकरोच जनता पार्टी की सदस्यता के लिए 4 योग्यताएं
पहला – युवाओ की बेरोजगारी।
दूसरा – आलसी होना यानी डले रहो, पड़े रहो।
तीसरा – यूजर की ऑनलाइन रहने की लत।
चौथा – बेरोजगारो को प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता।
मैनिफेस्टो किया जारी, 5 वादे
कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणापत्र काफ़ी ध्यान खींचने वाला है। इस पर अभिजीत कहते हैं, “मुझे लगता है कि घोषणापत्र इस समय भारत के लोकतंत्र और वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बारे में बताता है। हम लगातार देख रहे हैं कि वो जज जिन्हें निष्पक्ष रहना होता है, जिनका सरकार से कुछ लेना-देना नहीं होना चाहिए वो रिटायरमेंट के बाद सरकार से लाभ ले रहे हैं। ये बहुत ख़तरनाक है क्योंकि न्यायपालिका को स्वतंत्र रहना होता है। अगर न्यायपालिका भी सरकार की राह पर चलेगी तो फिर क्या रह जाएगा” फिर लोकतंत्र को कौन बचाएगा।
अगर CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी सरकार में आती है तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा जाने का रिवॉर्ड नहीं मिलेगा। अगर कोई वैध वोट डिलीट किया जाएगा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA में गिरफ्तार किया जाएगा क्योंकि किसी के वोटिंग का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं।
उन्होंने महिलाओ के प्रतिनिधित्व को लेकर एक प्रतिष्ठित न्यूज़ एजेंसी को बताते हुए कहा की बचपन से सुनता आया हूं कि महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण मिलेगा लेकिन आज तक ये नहीं हुआ। अगर महिलाओं को आरक्षण देना है तो उन्हें 50 फ़ीसदी आरक्षण दीजिए.”
अंबानी और अडाणी के सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके। गोदी मीडिया एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराई जाएगी।
अगर कोई विधायक या सांसद दलबदल कर दूसरी पार्टी में जाता है तो उसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाएगी। उसे अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में पद नहीं दिया जाएगा।
अभिजीत दीपके कौन है ? बताया कैसे आया यह आइडिया ?
अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर के रहने वाला है। ग्रेजुएशन उन्होंने पुणे से किया। इसके बाद 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं।
अभिजीत ने BBC को बताया, ‘मैं X पर CJI का बयान देख रहा था, जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर मैंने इस पर अपनी राय दी। मैंने पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा। मुझे Gen Z और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले। उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए। फिर क्या था मैंने CJP बना ली।
कॉकरोच ड्रेस में सफाई अभियान
दिल्ली में कुछ युवाओ ने कॉकरोच की ड्रेस पहनकर यमुना किनारे सफाई करते नजर आए। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन फिलहाल चुनाव लड़ने से ज्यादा युवाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता फैलाने पर केंद्रित रहेगा।
युवाओ की पसंद क्यों बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’
भारत में युवाओ की बढ़ती बेरोजगारी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ युवाओं के गुस्से का प्रतीक बनती जा रही है। पेपर लीक, भर्ती में देरी और सीमित सरकारी नौकरियों के कारण छात्र और नौकरी की तैयारी कर रहे युवा पहले से ही नाराज हैं।
राजनैतिक लोगों ने भी अभिजीत दीपके की इस मुहिम का समर्थन किया
इस पर अभिजीत कहते हैं, “पूर्व क्रिकेटर और सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा कि वो इस पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इसका समर्थन किया। इनके अलावा कई लोगों ने हमारा समर्थन किया है और आज ये चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही दिन ब दिन ये बढ़ती चली जा रही है।
16 मई को CJI सूर्यकान्त ने कॉकरोच वाले बयान पर सफाई दी
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॉकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा, ‘मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। वे परजीवियों जैसे हैं।’
भारत का जेन ज़ी कैसा है ?
नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में युवाओं (जेन ज़ी) ने हिंसक आंदोलन किए, जिसके कारण सरकारें तक बदल गईं। पार्टी के संस्थापक अभिजीत का मानना है कि भारतीय युवाओं की तुलना इन देशों से करना उनका अपमान होगा। भारत के युवा हिंसा नहीं करते, बल्कि अपनी नाराजगी जताने के लिए मजाक, व्यंग्य और अनोखे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा भारत के युवा कॉकरोच की ड्रेस पहनकर यमुना नदी साफ कर रहे हैं और कचरा हटा रहे हैं। इस अनोखे तरीके से वे सिस्टम की कमियों को उजागर कर रहे हैं। अगर वे कभी सड़क पर उतरेंगे भी, तो शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से।
आज की युवा पीढ़ी हमारे केंद्रीय मंत्रिमंडल (मिनिस्टर्स) से ज्यादा पढ़ी-लिखी है। सवाल यह उठता है कि इतने पढ़े-लिखे युवाओं पर कम पढ़े-लिखे लोग राज क्यों कर रहे हैं?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सिर्फ एक सोशल मीडिया कैंपेन नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत है। आने वाले समय में ऐसे और भी युवा संगठन सामने आएंगे।
देश के युवा अब मौजूदा राजनीति से परेशान हो चुके हैं। पिछले 10-12 सालों से वे सिर्फ ‘हिंदू-मुस्लिम’ की बातें सुन रहे हैं। अब वे बदलाव चाहते हैं।
भारतीय युवा नौकरी (रोजगार) और अच्छी टेक्नोलॉजी चाहते हैं। वे अब अपनी तुलना पाकिस्तान, नेपाल या बांग्लादेश से नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बेहतरीन देशों से करना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि सिस्टम उनके साथ ‘कॉकरोच’ जैसा बर्ताव करे।
युवाओं का इस मुहिम को भारी सपोर्ट मिल रहा है। शुरुआत के सिर्फ 4 दिनों के भीतर ही 2 लाख से ज्यादा लोग इसके रजिस्टर्ड मेंबर बन चुके हैं। यह साफ दिखाता है कि आज का युवा राजनीति में अपना खुद का एक मोर्चा (पॉलिटिकल फ्रंट) चाहता है।
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