
दिल्ली सरकार ने राजधानी के 44 पुराने फ्लाईओवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का फैसला किया है। ये सभी फ्लाईओवर 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं और प्रतिदिन लाखों वाहन इनका उपयोग करते हैं। इस बार ऑडिट केवल ऊपरी संरचना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पहली बार फ्लाईओवरों की नींव और आसपास की मिट्टी की भी विस्तृत जांच की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग (PWD) इस परियोजना के लिए विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त करेगा, जो फ्लाईओवरों की संरचनात्मक मजबूती, भार वहन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा का आकलन करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पुराने होते बुनियादी ढांचे को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत, सुदृढ़ीकरण या आवश्यकता पड़ने पर पुनर्निर्माण की योजना तैयार की जाएगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली में 100 से अधिक फ्लाईओवर हैं, जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत एक दशक से ज्यादा पुराने हो चुके हैं। कई फ्लाईओवर 1990 के दशक में बनाए गए थे। सरकार ने ऑडिट के पहले चरण के लिए लगभग ₹11 करोड़ की मंजूरी दी है और सबसे पुराने ढांचों को प्राथमिकता देने की योजना बनाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल संरचना की सतही जांच पर्याप्त नहीं होती। मिट्टी और नींव की स्थिति का परीक्षण करने से यह पता लगाया जा सकेगा कि वर्षों के उपयोग और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण कहीं संरचना की स्थिरता प्रभावित तो नहीं हुई है। दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य किसी संभावित दुर्घटना से पहले जोखिमों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना है।
- delhi-44-old-flyovers-structural-audit-soil-foundation-testing-pwd








