
भोपाल। हाल ही में जारी तबादला सूची में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को उनके पद से हटाकर ऐसे विभाग में भेज दिया गया, जिसे आमतौर पर प्रशासनिक गलियारों में “लूप लाइन” माना जाता है। इस फैसले के पीछे कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के दौरान एक केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाही की शिकायत की थी। इसके बाद अधिकारी के तबादले का निर्णय लिया गया। हालांकि सत्ता और प्रशासनिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर दूसरी कहानी भी चर्चा में है।
बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी एक संवेदनशील मामले की जांच आगे बढ़ा रहे थे, जिससे कुछ प्रभावशाली लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती थीं। ऐसे में शिकायत को आधार बनाकर उन्हें पद से हटाने की रणनीति बनाई गई। प्रशासनिक गलियारों में इसे केवल तबादला नहीं बल्कि एक बड़े शक्ति संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि हटाए गए अधिकारी सीधे भर्ती के आईएएस हैं, जबकि उनकी जगह एक प्रमोटी आईएएस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे भी नौकरशाही में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।








