
रतलाम: जावरा में मंगलवार को उस समय एक अनोखी और चर्चा में आने वाली पहल देखने को मिली जब मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौ माता और नंदी बैल को “राष्ट्रीय पशु” घोषित करने की मांग की गई। यह ज्ञापन जावरा एसडीएम कार्यालय में सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे और “गौ माता के सम्मान में मुस्लिम समाज मैदान में” लिखे बैनर के साथ तिरंगा लेकर पहुंचे।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि हिंदू समाज की गौ माता के प्रति आस्था का सम्मान करते हुए यह मांग देश में सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। साथ ही “हुब्बुल वतनी मिनल ईमान” (वतन से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है) का उल्लेख करते हुए देशभक्ति और एकता का संदेश दिया गया।
ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं:-
1. पहली, गौ माता और नंदी बैल को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए।
2. गौ वंश की खरीद-फरोख्त, परिवहन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
3. गौ वंश से जुड़े अपराधों पर सख्त कानून बनाकर आजीवन कारावास तक की सजा और संबंधित मांस निर्यातक कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की गई।
समाजजन ने यह भी कहा कि वे सभी मौजूदा गौ संरक्षण कानूनों का समर्थन करते हैं और उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार का विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और एकता को मजबूत करना है। बुजुर्गों ने इसे “देश को जोड़ने वाली पहल” बताते हुए कहा कि जावरा से दिया गया यह संदेश पूरे देश में भाईचारे का प्रतीक बने। ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट उबेद अंसारी, गुड्डू पठान, असलम मेव, एमडी आरिफ बेग, सोहेल उर रहमान सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
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