खंडवा: कांजा बैड़ा पहाड़ पर मिली मां दुर्गा की प्राचीन प्रतिमा, श्रद्धालुओं का तांता

खंडवा: जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के भुइफल गांव के पास स्थित कांजा बैड़ा पहाड़ इन दिनों श्रद्धा और जनविश्वास का केंद्र बन गया है। यहां करीब डेढ़ फुट की खुदाई के दौरान मां दुर्गा की पत्थर की प्राचीन प्रतिमा मिलने से पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह का माहौल बन गया है।

पुनासा क्षेत्र के आंजनिया गांव निवासी राजू जगताप को पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से लगातार सपनों में माता के दर्शन हो रहे थे। उनके अनुसार स्वप्न में माता उन्हें एक विशेष स्थान दिखाकर बार-बार वहां से प्रतिमा निकालने का संकेत देती थीं। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य सपना समझकर अनदेखा किया, लेकिन बार-बार वही संकेत मिलने पर उन्होंने इस बात को गंभीरता से लिया और भुइफल गांव पहुंचकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।

सोमवार सुबह ग्रामीणों की मौजूदगी में कांजा बैड़ा पहाड़ पर पूजा-अर्चना करने के बाद बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू की गई। कुछ ही देर में करीब डेढ़ फुट नीचे से पत्थर की प्राचीन प्रतीत होने वाली दुर्गा प्रतिमा बाहर निकल आई। प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचने लगे और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। ग्रामीणों ने उसी स्थान पर अस्थायी पूजा स्थल बनाकर आरती-पूजा शुरू कर दी।

घटना की सूचना मिलने पर पंधाना विधायक छाया मोरे भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पूजा-अर्चना कर ग्रामीणों की मांग पर यहां मंदिर निर्माण के लिए 5 लाख रुपये सहयोग देने की घोषणा की। विधायक ने कहा कि भविष्य में इस स्थल को धार्मिक पर्यटन के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।

प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। प्रशिक्षु आईएएस एवं प्रभारी तहसीलदार कृष्णा सुशीर ने बताया कि प्रतिमा को फिलहाल पंचायत के संरक्षण में सुरक्षित रखा जाएगा और इसकी प्राचीनता व ऐतिहासिक महत्व का पता लगाने के लिए पुरातत्व विभाग से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इस घटना के बाद कांजा बैड़ा पहाड़ को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। श्रद्धालु इसे देवी का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण खोज मान रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।

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    Rashel Kachwah Rajput

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