
मैहर: जिला कांग्रेस संगठन में हाल ही में हुई नियुक्तियों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और सवालों का दौर शुरू हो गया है। विशेष रूप से सरला नगर मंडलम अध्यक्ष पद पर हुई नियुक्ति को लेकर कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक प्रक्रिया और नेतृत्व के निर्णयों पर सवाल खड़े किए हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, समर्पित कार्यकर्ताओं को पहचान देने और नए नेतृत्व को अवसर प्रदान करने की सोच के साथ चलाया जा रहा है। ऐसे में कुछ नियुक्तियों को लेकर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या संगठन में लंबे समय से सक्रिय और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्राथमिकता दी गई है।
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चर्चा का केंद्र सरला नगर मंडलम अध्यक्ष पद पर डॉ. संतोष सोनी की नियुक्ति बनी हुई है। कुछ कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनकी पहचान पूर्व में बहुजन समाज पार्टी की राजनीति से जुड़ी रही है। इसी आधार पर संगठन के भीतर यह बहस शुरू हुई है कि क्या ऐसे व्यक्तियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना संगठन सृजन अभियान की मूल भावना के अनुरूप है या नहीं।
कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि संगठन में जिम्मेदारी देने से पहले संबंधित व्यक्ति की विचारधारात्मक प्रतिबद्धता, संगठनात्मक सक्रियता और कांग्रेस के प्रति सार्वजनिक निष्ठा का मूल्यांकन होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि वर्षों से कांग्रेस के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है तो इससे जमीनी स्तर पर असंतोष की स्थिति बन सकती है।
वहीं दूसरी ओर कुछ नेताओं का मानना है कि संगठन विस्तार और मजबूती के लिए नए लोगों को जोड़ना भी कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों को संगठन में अवसर देना पार्टी के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश रोमी के नेतृत्व में हुई इन नियुक्तियों को लेकर अब कार्यकर्ताओं के बीच स्पष्टता की मांग उठ रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठनात्मक निर्णयों के पीछे की प्रक्रिया और मापदंडों को सार्वजनिक किए जाने से भ्रम की स्थिति दूर हो सकती है।
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