
रीवा/अरविन्द तिवारी: रीवा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शिकायतों के अनुसार वर्ष 2024 के अंत में किए गए अनुबंध के तहत करीब 490 कर्मचारियों की भर्ती में गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया बिना किसी सार्वजनिक विज्ञापन और निविदा के की गई। साथ ही प्रत्येक अभ्यर्थीयों से कथित रूप से लाखों रुपये की अवैध वसूली किए जाने की बात सामने आई है, जिससे करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है।
आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप
सबसे गंभीर आरोप आरक्षण नियमों के उल्लंघन को लेकर हैं। कांग्रेस पार्टी के पिछड़ा विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक किसान नेता कुंवर सिंह पटेल और प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने आरोप लगाया कि भर्ती में रोस्टर प्रणाली का पालन नहीं किया गया। उन्होने बताया कि 490 पदों में से 371 सामान्य वर्ग, 28 पिछड़ा वर्ग, 21 अनुसुचित जाती, और 07 अनुसुचित जनजाती को नियुक्त किया गया, जिससे अन्य वर्गों के योग्य उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित हुए। इसके अलावा, नियुक्ति पत्र में अभ्यर्थियों के पिता के नाम दर्ज नहीं है, जो पुरी प्रक्रिया की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है।
जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और लोकायुक्त पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी तत्परता से लेते हुए जांच करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
बाईट- कुंवर सिंह पटेल, राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा विभाग, कांग्रेस
बाईट- विनोद शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता
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