
सागर: जिले में लगातार बारिश के बाद बंडा सिंचाई परियोजना के तहत निर्माणाधीन उल्दन बांध में जलस्तर बढ़ गया है। बांध के आसपास पानी और हरियाली का मनमोहक नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बारिश के बाद बदले प्राकृतिक स्वरूप ने क्षेत्र को आकर्षण का केंद्र बना दिया है। उल्दन बांध में पानी बढ़ने से क्षेत्र के किसानों में भी सिंचाई को लेकर उम्मीद जगी है। बंडा सिंचाई परियोजना का उद्देश्य आसपास के दर्जनों गांवों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। परियोजना पूरी होने के बाद कृषि उत्पादन बढ़ने और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
धार्मिक आस्था का भी केंद्र
बांध क्षेत्र में स्थित मंदिर लंबे समय से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। यहां पारंपरिक रूप से मेले का आयोजन भी होता आया है। बारिश के बाद बांध में बढ़े जलस्तर और आसपास के प्राकृतिक वातावरण के कारण धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
विकास के साथ विस्थापन की चिंता
उल्दन बांध परियोजना से जहां किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है, वहीं निर्माण से प्रभावित ग्रामीण परिवारों के सामने विस्थापन और पुनर्वास की चिंता भी बनी हुई है। प्रभावित परिवार उचित मुआवजे और पुनर्वास की व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से क्षेत्र के विकास और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, लेकिन इसके साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। ग्रामीण उचित समाधान और पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द पूरी किए जाने की मांग कर रहे हैं। बारिश के बाद लबालब हुए उल्दन बांध का प्राकृतिक नजारा फिलहाल लोगों को आकर्षित कर रहा है। वहीं, किसानों को परियोजना से सिंचाई की उम्मीद है और प्रभावित ग्रामीणों की नजर अब उनके पुनर्वास से जुड़े समाधान पर है।
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