
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यूक्रेन ने रूस के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया। रिपोर्टों के अनुसार हमले में बड़ी संख्या में ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा। हमले का मुख्य लक्ष्य रूस की ऊर्जा और ईंधन आपूर्ति से जुड़ा बुनियादी ढांचा बताया जा रहा है।
हमले के दौरान मॉस्को क्षेत्र की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और ईंधन भंडारण सुविधाओं में आग लग गई। कई स्थानों पर बड़े धमाकों और घने धुएं के गुबार देखे गए। रूसी अधिकारियों के अनुसार हमले में कई लोग घायल हुए, जबकि कुछ क्षेत्रों में आवासीय इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। तेल अवसंरचना पर हुए हमलों ने रूस की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों को रूस की लगातार सैन्य कार्रवाई के जवाब के रूप में पेश किया है। यूक्रेनी नेतृत्व का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से रूस ने बार-बार यूक्रेनी शहरों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में अब रूस के सैन्य और ऊर्जा ढांचे पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर रूस ने इन हमलों को उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि रूस के भीतर गहराई तक पहुंचकर किए जा रहे ऐसे हमले युद्ध की बदलती रणनीति को दर्शाते हैं। ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग ने पारंपरिक युद्ध की सीमाओं को बदल दिया है और अब दोनों पक्ष एक-दूसरे के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की अपील करता रहा है।
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