
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प को गति देने के लिए लगभग 20,000 नए शिक्षक और अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही शिक्षा गुणवत्ता सुधार और छात्र-शिक्षक अनुपात को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया और उनके बढ़े हुए मानदेय तथा स्वास्थ्य सुरक्षा सुविधा की शुरुआत की। सरकार ने लंबे समय से लंबित मांगों को स्वीकार करते हुए अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है, साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा भी प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10,000 नए शिक्षकों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा चुका है और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए अनुदेशकों की नियुक्ति भी की जाएगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। सरकार का लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और ड्रॉपआउट दर को शून्य के करीब लाना है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 96 प्रतिशत विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जिससे स्कूलों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और ड्रॉपआउट दर पहले के मुकाबले घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों को केवल पढ़ाना ही नहीं बल्कि उन्हें अनुशासित, आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना भी शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
सरकार ने यह भी बताया कि प्रदेश में लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों और हजारों अनुदेशकों को सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही मातृत्व अवकाश, विद्यालय परिवर्तन की सुविधा और अन्य कल्याणकारी कदम भी लागू किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से स्कूलों में बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आया है और यह नीति आयोग द्वारा भी एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चा शिक्षा से जुड़ा रहे और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जहां शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
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