डिलीवरी से पहले मौत; बीएमसी सागर में प्रसूता की मौत, इलाज में लापरवाही के आरोप

सागर: मध्यप्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में एक प्रसूता की संदिग्ध मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। 30 वर्षीय महिला संध्या अहिरवार को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

क्या है पूरा मामला और परिजनों के आरोप?

परिजनों के अनुसार, संध्या को 17 अप्रैल को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ ने समय पर उचित इलाज नहीं किया और ऑपरेशन में देरी की गई, जिससे स्थिति बिगड़ती चली गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान उनसे पैसे की मांग की गई और समय पर ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी आक्रोश देखने को मिला।

मौत के बाद अस्पताल में क्यों मचा हंगामा?

सोमवार सुबह करीब 5 बजे संध्या की हालत अचानक गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में उसे मृत घोषित कर दिया गया। मौत की खबर मिलते ही परिजन भड़क उठे और उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर ऑपरेशन किया जाता, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।

प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन का क्या रुख?

फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है और स्थिति पर नजर बनाए रखी है।

क्या यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है?

यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर सरकार सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में समय पर इलाज, बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

बीएमसी सागर में प्रसूता की मौत का यह मामला केवल एक घटना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है। परिजनों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और सिस्टम में सुधार हो।

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  • Srota Swati Tripathy

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