
तेल अवीव/तेहरान: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान और ईरान को लेकर मौजूदा हालात पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायल की सेना दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रही है और यह अभियान अभी जारी रहेगा। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में अपनी सैन्य सहमति और हमलों को बनाए रखा है, भले ही एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ हो।
नेतन्याहू ने साफ किया कि इजरायल हिज्बुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है और सुरक्षा कारणों से दक्षिणी लेबनान में “सिक्योरिटी ज़ोन” को और विस्तार देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने सीमा के अंदर कई किलोमीटर तक बफर ज़ोन बना लिया है ताकि उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल और लेबनान के बीच दशकों बाद बातचीत शुरू हुई है, जिसका मुख्य उद्देश्य हिज्बुल्लाह को हटाना और स्थायी शांति स्थापित करना है। जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2026 में दोनों देशों के बीच सीधे वार्ता की प्रक्रिया शुरू हुई है, जो कई वर्षों में पहली बार हो रही है।
मध्य पूर्व की स्थिति अगर बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष 2026 के व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का हिस्सा है, जिसमें हजारों लोगों की मौत और बड़े पैमाने पर विस्थापन हो चुका है।
ईरान को लेकर भी नेतन्याहू ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका दोनों ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बना हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में अंतरिम बनी हुई है। नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि स्थिति अभी अनिश्चित है और अगर जरूरत पड़ी तो संघर्ष फिर से तेज हो सकता है। उन्होंने कहा कि इजरायल हर संभावित परिस्थिति के लिए तैयार है।
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