
सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर जिला अस्पताल से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक पिता अपनी नवजात बेटी की मौत के चार दिन बाद उसका शव लेने अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि ₹70,000 के कर्ज के बदले एक रसूखदार किसान ने पिता को बंधक बना रखा था, जिसके कारण वह अपनी तड़पती बच्ची को देखने और उसकी मौत के बाद शव लेने समय पर नहीं पहुंच सका।
जानकारी के अनुसार, आष्टा तहसील के ग्राम हकीमाबाद निवासी रवि रघुवंशी की पत्नी अंजलि ने 24 मार्च को जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि दूसरी बच्ची का वजन मात्र 1.4 किलो होने के कारण उसे आईसीयू (ICU) में भर्ती किया गया था। 3 मई को इलाज के दौरान दूसरी बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण कोई सूचना नहीं मिल सकी। चार दिन तक शव मर्चुरी में लावारिस पड़ा रहा, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए माता-पिता को देवास जिले के जालेरिया गांव से ढूंढ निकाला।
पीड़ित पिता रवि का आरोप है कि वह किसान मनोज जाट के पास मजदूरी करता है। ₹70,000 का कर्ज होने के कारण उसे और उसके साथी को जबरन रोककर रखा गया था। रवि का कहना है कि यदि उसे समय पर अस्पताल जाने दिया जाता, तो शायद उसकी बच्ची की जान बच सकती थी। इधर, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यू.के. श्रीवास्तव ने बताया कि बच्ची प्रीमैच्योर और अत्यधिक कमजोर थी। पुलिस अब इस मामले में बंधुआ मजदूरी और अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोपों की गहनता से जांच कर रही है।
ये भी पढ़े – सीहोर में ट्रैक्टर चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, 10 लाख के वाहन बरामद
- ehore-news-father-held-hostage-for-debt-newborn-baby-body-abandoned-in-hospital-mortuary









