डबरा सिविल अस्पताल का CMHO ने किया औचक निरीक्षण, लीकेज से लेकर रेफरल व्यवस्था तक पर जताई चिंता

डबरा सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच ग्वालियर के नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेघसिंह सागर ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति, साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अस्पताल की कमियों को स्वीकार करते हुए जल्द सुधार का भरोसा दिलाया। साथ ही डॉक्टरों द्वारा अन्य विधाओं में उपचार और मरीजों को रेफर किए जाने जैसे मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। देखिए यह रिपोर्ट।

ग्वालियर के नवागत सीएमएचओ डॉ. मेघसिंह सागर ने डबरा सिविल अस्पताल पहुंचकर विभिन्न वार्डों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में कई जगह वॉटर लीकेज, छत से पानी टपकने और ड्रेनेज से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। सीएमएचओ ने माना कि भवन काफी पुराना हो चुका है, जिसके कारण इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

आगामी मानसून को देखते हुए उन्होंने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सीएमएचओ ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अस्पताल की निर्माणाधीन नई बिल्डिंग को लेकर डॉ. सागर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वय से निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि डबरा सहित आसपास के हजारों लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

डॉक्टरों द्वारा अन्य विधाओं में इलाज किए जाने के सवाल पर सीएमएचओ ने कहा कि एक एमबीबीएस चिकित्सक को सभी चिकित्सा विषयों का बुनियादी ज्ञान होता है। यदि किसी विशेषज्ञ या चिकित्सक द्वारा मरीजों के हित में अतिरिक्त सेवाएं दी जा रही हैं तो उसे नकारात्मक रूप से नहीं देखा जाना चाहिए।

मरीजों को रेफर किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में उपचार की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर किया जा रहा है, तो ऐसी व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। हालांकि गंभीर मामलों में मरीज की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और बेहतर इलाज के लिए रेफर करना आवश्यक हो सकता है।

सीएमएचओ ने कहा कि वे हाल ही में पदस्थ हुए हैं और अस्पताल से जुड़ी जो भी शिकायतें या मामले उनके संज्ञान में आएंगे, उनकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के बाद अब देखना होगा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना और कितनी जल्दी सुधार दिखाई देता है।

  • Shruti Soni

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