
दमोह: कलेक्टर नारायण प्रताप सिंह ने एक अनूठी और संवेदनशील पहल करते हुए वृद्धा पेंशन से वंचित महिला के घर स्वयं पहुंचकर उसे योजना का लाभ दिलाया। यह मामला जनसुनवाई के दौरान सामने आया था, जहां फुलवा बाई अपने छोटे नाती के साथ कलेक्टर के पास पहुंची थीं और बताया था कि पिछले 8 महीनों से उनकी वृद्धा पेंशन नहीं मिल रही है।
मामले की जांच के दौरान पता चला कि तकनीकी कारणों से महिला के फिंगरप्रिंट मैच नहीं कर रहे थे, जिसके कारण पेंशन रुकी हुई थी। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तलब कर सख्त निर्देश दिए और तत्काल ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करवाई। इसके बाद कलेक्टर स्वयं वृद्ध महिला के घर पहुंचे और पेंशन स्वीकृति का प्रमाण पत्र सौंपा। साथ ही जिन महीनों की पेंशन रोकी गई थी, उनकी राशि संबंधित अधिकारियों से वसूली कर तुरंत महिला के खाते में जारी करवाई गई।
कलेक्टर की इस पहल से महिला बेहद भावुक हो गई और उन्होंने उन्हें आशीर्वाद दिया। इसके बाद कलेक्टर दमोह के वृद्ध आश्रम भी पहुंचे, जहां उन्होंने अन्य वृद्धजनों को भी पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए। कलेक्टर ने इस पूरे अभियान को “सेवा और आशीर्वाद अभियान” नाम दिया है। प्रशासनिक स्तर पर इस पहल को जनसेवा और संवेदनशील शासन का उदाहरण माना जा रहा है।
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