जावरा ग्रीनफील्ड रोड विवाद: किसानों को शांति भंग के नोटिस पर बवाल, CSP से कार्रवाई निरस्त करने की मांग

रतलाम: जावरा क्षेत्र में भूतेड़ा से महू-नीमच हाईवे तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड रोड परियोजना को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। कैंसिल किए जा चुके एलाइनमेंट पर कार्य शुरू किए जाने का विरोध कर रहे किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रभावित पीड़ित किसान-व्यापारी जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (सीएसपी) जावरा को ज्ञापन सौंपकर उनके खिलाफ जारी किए गए शांति भंग संबंधी नोटिसों को निरस्त करने की मांग की है।

समिति का आरोप है कि जिला न्यायालय द्वारा टेकरी से जोयो तिराहे तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड रोड के एलाइनमेंट को निरस्त किया जा चुका है और कलेक्टर कार्यालय द्वारा भी संबंधित आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा उसी निरस्त एलाइनमेंट पर कार्रवाई और प्रक्रिया जारी रखी जा रही है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि वे पिछले लगभग 20 महीनों से शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ही शांति भंग की आशंका बताते हुए नोटिस जारी किए गए हैं।

ये भी पढ़े – जावरा में मुस्लिम समाज ने गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, SDM को सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन में समिति ने मांग की है कि धारा 126 और 135(3) बीएनएसएस के तहत जारी सभी नोटिसों की कार्रवाई तत्काल निरस्त की जाए। साथ ही निरस्त किए गए एलाइनमेंट पर बंधक बनाई गई भूमि को मुक्त किया जाए और अधिकारियों द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों का पालन सुनिश्चित किया जाए। समिति का कहना है कि न्यायालय और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद यदि किसानों और व्यापारियों को प्रताड़ित किया जाता है तो यह न्यायिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं और लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात रख रहे हैं। ऐसे में उन्हें शांति भंग की कार्रवाई में शामिल करना उचित नहीं है।

समिति ने चेतावनी दी है कि यदि नोटिस वापस नहीं लिए गए और भूमि संबंधी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रभावित किसान और व्यापारी आगामी 1 जून को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर न्यायिक तरीके से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल न्यायालय और प्रशासनिक आदेशों के पालन की है तथा वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी मार्ग अपनाते रहेंगे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के पदाधिकारी, किसान, व्यापारी और क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मामले को लेकर अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

ये भी पढ़े – जावरा में ईद-उल-अजहा की धूम: ईदगाह में हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ पढ़ी नमाज, मुल्क में अमन-चैन की मांगी दुआ

 
 
  • jaora-greenfield-road-dispute-farmers-protest-peace-notice-controversy-ratlam
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान का 13वां दिन: छात्रावासों, धार्मिक स्थलों, जेल और फैक्ट्रियों में चला जागरूकता अभियान

    सागर/मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर…

    आगे पढ़ें
    राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर डबरा में पांच दिवसीय आयोजन शुरू, 3 अगस्त को निकलेगा भव्य चल समारोह

    डबरा/भरत रावत की रिपोर्ट: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

    कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

    कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

    CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

    CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

    दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

    दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

    NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया

    NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया