
मैहर: नगर पालिका द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा ने अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए इसे केवल दिखावा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका के स्वच्छता कार्यालय के पास ही टूटी नलियां, अव्यवस्थित जल निकासी और दूषित जल का फैलाव साफ तौर पर देखा जा सकता है, जबकि इसी क्षेत्र में कलेक्टर, एसडीएम और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के बंगले भी स्थित हैं।
प्रभात द्विवेदी ने कहा कि इस तरह की स्थिति में पूरे शहर में स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान को “कागजी और फर्जी” बताते हुए आरोप लगाया कि यह केवल शासकीय धन के उपयोग और कथित बंदरबांट का माध्यम बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान से आम जनता को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है, बल्कि सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस व्यवस्था को समझें और इसके खिलाफ आवाज उठाएं ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
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