
रायसेन| में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की घोषणा की। रायसेन शराब क्यूआर कोड व्यवस्था के तहत अब हर मदिरा दुकान पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य शराब दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली और नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाना है। विभाग ने 10 दिन का विशेष जांच अभियान भी शुरू किया है, जिससे व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा सके।
क्यूआर कोड से होगी पूरी पारदर्शिता
आबकारी विभाग ने साफ कर दिया है कि अब हर मदिरा दुकान पर ई-पोर्टल से जारी क्यूआर कोड लगाना जरूरी होगा। इस कोड को स्कैन करते ही उपभोक्ता अपने मोबाइल पर शराब की सही कीमत देख सकेंगे। इस व्यवस्था से ग्राहक आसानी से यह जांच कर पाएंगे कि उनसे तय कीमत से ज्यादा पैसा तो नहीं लिया जा रहा। यदि कोई दुकानदार एमआरपी से अधिक या निर्धारित न्यूनतम दर से कम पर बिक्री करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को अधिकार मिलेगा और दुकानदारों की मनमानी पर रोक लगेगी। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई तय
आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी लाइसेंसी क्यूआर कोड नहीं लगाएंगे या नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही प्रदेश भर में 28 अप्रैल से 7 मई तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अधिकारी मदिरा दुकानों पर जाकर व्यवस्था की जांच करेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे। क्यूआर कोड लगाने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जैसे इसे बड़े आकार में छापना, प्रमुख स्थानों पर लगाना और उसकी नियमित जांच करना।
इस सख्ती का उद्देश्य साफ है कि उपभोक्ताओं को सही कीमत पर उत्पाद मिले और बाजार में अनुशासन बना रहे।
रायसेन में लागू की गई यह नई व्यवस्था शराब दुकानों में पारदर्शिता और नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम है। यदि इसे सख्ती से लागू किया गया, तो उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: दीपक श्रीवास्तव
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