
सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। यहां डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तकनीक का उपयोग कर एक गंभीर लिवर संक्रमण से जूझ रहे मरीज की जान बचाई। मरीज लंबे समय से मल्टीपल लिवर एब्सेस (लिवर में मवाद के कई घाव) से पीड़ित था और स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि वह सेप्टीसीमिया का शिकार हो गया था। पारंपरिक सर्जरी उसके लिए जोखिमपूर्ण मानी जा रही थी।
ऐसे में रेडियोलॉजी, सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने बिना बड़े ऑपरेशन के इमेजिंग गाइडेंस (अल्ट्रासाउंड/सीटी स्कैन) की मदद से सीधे संक्रमण वाले हिस्से तक पहुंचकर मवाद बाहर निकाला। इस प्रक्रिया में मरीज के शरीर पर कोई बड़ा चीरा नहीं लगाया गया, जिससे संक्रमण का जोखिम कम हुआ और रिकवरी भी तेज रही।
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इस जटिल प्रक्रिया में रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. वृषभान अहिरवार, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सर्वेश जैन और सर्जरी विभाग के डॉ. दीपक श्रीवास्तव सहित टीम ने अहम भूमिका निभाई। डॉ. पी. एस. ठाकुर ने बताया कि इस तकनीक से मरीजों को अब बड़े शहरों में लाखों रुपये खर्च कर इलाज कराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सुविधा अब सागर में ही उपलब्ध है।
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन के अनुसार इलाज के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और उसे स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। यह सफलता बुंदेलखंड क्षेत्र के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत और आधुनिक चिकित्सा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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