
बाड़ी/रायसेन: बाड़ी तहसील इन दिनों स्टाफ की कमी के कारण सुर्खियों में है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के बावजूद यहां राजस्व अमले की भारी कमी के चलते किसान और आम नागरिकों को अपने कामों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।बाड़ी तहसील में कुल 37 राजस्व हल्के निर्धारित हैं, लेकिन इन पर केवल 27 पटवारी ही पदस्थ हैं। करीब 10 हल्कों का अतिरिक्त बोझ होने के कारण पटवारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है, जिससे नामांतरण, विरदावली और अन्य राजस्व कार्यों में देरी हो रही है और किसान परेशान हो रहे हैं।
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तहसील कार्यालय में रोजाना करीब दो सौ किसान और आम नागरिक अपने कार्यों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण उनके काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। कई बार इस वजह से किसानों और पटवारियों के बीच बहस की स्थिति भी बन जाती है। तहसील में प्रशासनिक पदों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। यहां तीन सर्किल होने के बावजूद दो नायब तहसीलदार के पद करीब छह माह से खाली हैं, जबकि राजस्व निरीक्षक का पद भी रिक्त बताया जा रहा है।
वर्तमान में तहसीलदार सुनील शर्मा को अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है, जिससे राजस्व न्यायालय के मामलों और सुनवाई में भी देरी हो रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंचाई है। उनका कहना है कि यदि खाली पदों पर जल्द नियुक्तियां हो जाएं तो किसानों और आम जनता के काम समय पर पूरे हो सकते हैं।इस संबंध में जब प्रभारी एसडीएम कुलदीप पटेल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया शासन स्तर की होती है। समय-समय पर तबादले और नई भर्तियों के माध्यम से रिक्त पदों को भरा जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी जिला कलेक्टर को भी दी जाएगी।
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