
बैतूल: कड़ाई ग्राम पंचायत में शहर का कचरा डंप करने की प्रस्तावित योजना के खिलाफ ग्रामीणों और पशुपालकों ने मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय लोगों ने इस योजना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह निर्णय जनहित और गौ-सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि खुले में कचरा डंप करने से गौवंश प्लास्टिक और जहरीला कचरा खाकर बीमार हो सकते हैं। उन्होंने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व में गोठाना क्षेत्र में ऐसी ही लापरवाही के कारण कई गायों की अकाल मृत्यु हो चुकी है। साथ ही, शाहपुर के कोयलारी की उस घटना का भी जिक्र किया गया जहां कचरे में छिपे विस्फोटकों की चपेट में आने से गौवंश गंभीर रूप से घायल हो गया था।
कचरा डंपिंग से होने वाले पर्यावरणीय खतरों को लेकर भी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। आवेदन में कहा गया है कि कचरे से निकलने वाला दूषित पानी भूजल को प्रदूषित करेगा, जिससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। गौरतलब है कि यह मामला पहले भी हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी हुए थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि डंपिंग स्थल को आबादी और गौचर भूमि से दूर रखा जाए, स्थल की बाड़ेबंदी हो और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से बायो-ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया जाए।
ये भी पढ़े – बैतूल: चिचोली के वार्ड 7 में पानी संकट पर राहत, हर्ष भुसारी के हस्तक्षेप से पहुंचे टैंकर
- betul-kadai-gram-panchayat-protest-against-garbage-dumping-plan-brahmandwani/








