
बुरहानपुर: जिले के शाहपुर में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान किसानों के लिए केला फसल बीमा योजना लागू करने तथा हाल ही में आए तूफान-तूफान से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर किसानों को राहत नहीं मिली तो जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट का घेराव कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
शाहपुर में आयोजित धरने के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हाल ही में जिले में आए तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम के कारण हजारों एकड़ में खड़ी केला फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद अब तक प्रभावित किसानों को न तो मुआवजा मिला है और न ही केला फसल के लिए किसी प्रकार की बीमा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि बुरहानपुर क्षेत्र के किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों ने बड़ी लागत लगाकर केला फसल तैयार की थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत और उम्मीदों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों को तत्काल राहत राशि प्रदान की जाए और केला फसल को फसल बीमा योजना के दायरे में शामिल किया जाए। सचिन यादव ने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में केला उत्पादक किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश के किसान अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से किसानों के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग की।
कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने कहा कि हर बार प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन सर्वे तो कराता है, लेकिन मुआवजा वितरण में काफी देरी होती है। उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय तक इंतजार करते रहते हैं और उन्हें समय पर राहत नहीं मिल पाती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टोक ने भी किसानों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं इस पूरे मामले पर जिले की प्रभारी मंत्री एवं मध्यप्रदेश की जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है और नियमानुसार पात्र किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। फसल बीमा योजना के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि किसानों के हित में उचित निर्णय लेने पर विचार किया जा रहा है।
फिलहाल आंधी-तूफान से प्रभावित किसान राहत और मुआवजे की उम्मीद लगाए हुए हैं। वहीं कांग्रेस द्वारा दी गई 10 दिन की चेतावनी के बाद अब किसानों और राजनीतिक हलकों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि तय समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो जिले में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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