
नई दिल्ली: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन राष्ट्र को समर्पित की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा में नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डॉ. सिंह ने बताया कि भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और महासागर आधारित ऊर्जा प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता का निरंतर विस्तार कर रहा है।
कार्यक्रम में उन्होंने सीईएल के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया, जिसमें वर्ष 1977 में भारत का पहला सौर सेल और 1979 में पहला सौर संयंत्र निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि सीईएल का पुनरुत्थान और इसे लाभकारी मिनी रत्न कंपनी में बदलना संस्थागत सुधार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
मंत्री ने यह भी बताया कि परियोजना की प्रक्रिया तेजी से पूरी हुई 24 अप्रैल 2025 को टेंडर जारी हुआ, एक माह में चयन हुआ और एक वर्ष से कम समय में उत्पादन शुरू हो गया। सीईएल अब वर्टिकल एक्सिस पवन टर्बाइन, हाइब्रिड ऊर्जा प्रणाली, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और छोटे हथियार प्रणालियों जैसे उन्नत क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहा है।
इसके साथ ही सरकार अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में निजी भागीदारी को बढ़ावा देकर तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन का उद्घाटन भारत की स्वदेशी तकनीक, वैज्ञानिक क्षमता और विकसित भारत 2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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