
लखनऊ: प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान खराब मौसम ने व्यापक तबाही मचाई है। आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 26 जनपदों से कुल 111 जनहानि, 72 लोग घायल, 170 पशुहानि और 227 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। सबसे अधिक जनहानि प्रयागराज में 21, मिर्जापुर में 19, फतेहपुर में 11 तथा संत रविदास नगर में 16 दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सत्यापन कराते हुए 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को सहायता राशि वितरित की जाए। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्वयं प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रभावित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और हर प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचे। उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद “सचेत पोर्टल” के माध्यम से लगभग 34.64 करोड़ रेड और ऑरेंज अलर्ट संदेश आम जनता को भेजे गए हैं।
इसके साथ ही आपदा हेल्पलाइन 1070 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राहत राशि का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को भी राहत कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त ने कहा है कि सभी जिलाधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करें।
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