
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और भारतीय रुपये में आई ऐतिहासिक गिरावट के कारण गुरुवार, 14 मई को राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर बड़ी तेजी देखी गई। दिन भर चले उतार-चढ़ाव के बाद 24 कैरेट (99.9 प्रतिशत शुद्धता) सोने का भाव ₹650 की उछाल के साथ ₹1,66,000 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
गौरतलब है कि पिछले तीन सत्रों से सोने के दामों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी, जिस पर गुरुवार को ब्रेक लग गया। वहीं दूसरी ओर, चांदी के बाजार में इसका विपरीत असर देखने को मिला और चांदी की कीमतों में ₹900 की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह ₹2,96,600 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।
रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर
सोने की कीमतों में आई इस अचानक तेजी का सबसे बड़ा कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी है। गुरुवार को रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.73 पर बंद हुआ, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार से सोने का आयात करना काफी महंगा हो गया है। इसके अलावा, सरकार द्वारा हाल ही में बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी ने भी घरेलू कीमतों पर दबाव बनाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां सोना मामूली बढ़त के साथ 4,704.30 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है, जबकि चांदी में 0.57 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
महंगाई से बाजार में सन्नाटा
महंगाई के इस दौर में हाजिर मांग (फिजिकल डिमांड) पर भी गहरा असर पड़ा है। विश्लेषकों के अनुसार कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के कारण बाजार से ग्राहक नदारद हैं, जिसकी वजह से भारतीय बाजार में सोना फिलहाल रिकॉर्ड 200 डॉलर प्रति औंस के डिस्काउंट पर बिक रहा है। व्यापारियों और निवेशकों में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए नई खरीदारी के प्रति सावधानी देखी जा रही है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में बाजार की तरलता पर पड़ सकता है।
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