
छतरपुर: कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने साफ शब्दों में कहा है कि छात्रों की पढ़ाई से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने खराब परीक्षा परिणाम देने वाले शासकीय एवं निजी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में कलेक्टर ने यह निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी डीईओ, डीपीसी सहित संकुल प्राचार्य और स्कूल प्रमुख उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम खराब रहा है, वे छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करें और अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को नियमित रूप से परीक्षा में शामिल कराएं। साथ ही आगामी परिणामों में सुधार लाने के निर्देश भी दिए गए।
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बैठक में कक्षा 10वीं और 12वीं में अत्यंत खराब परिणाम देने वाले कई शासकीय विद्यालयों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने, कुछ के वेतन में कटौती करने तथा कुछ मामलों में निलंबन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश शामिल हैं। कई अतिथि शिक्षकों को पद से हटाने और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश भी दिए गए हैं।
कक्षा 5वीं और 8वीं के खराब परिणाम वाले शालाओं पर भी सख्त कार्रवाई की गई है। कई शाला प्रभारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई है, जबकि कुछ का वेतन 40 से 50 प्रतिशत तक सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही 0 से 50 प्रतिशत तक परिणाम देने वाले 14 निजी स्कूलों (कक्षा 5वीं) और 27 निजी स्कूलों (कक्षा 8वीं) की मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कक्षा 1 में नामांकन बढ़ाने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग ऐप का उपयोग कर बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाए।
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