
यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत की वैश्विक भूमिका की खुलकर सराहना करते हुए कहा है कि भारत अब ग्लोबल पॉलिटिक्स के केंद्र में पहुंच चुका है। उन्होंने यह टिप्पणी राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष डिनर के दौरान की, जहां यूरोपियन यूनियन के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं, वैश्विक कूटनीति और आर्थिक मजबूती की भी प्रशंसा की गई।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस डिनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हुए। यूरोपियन डेलिगेशन के साथ हुई इस बैठक को भारत-EU संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान वैश्विक शांति, व्यापार, तकनीक, जलवायु परिवर्तन और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
यूरोपियन कमीशन प्रेसिडेंट ने कहा कि भारत की निर्णय क्षमता, लोकतांत्रिक स्थिरता और वैश्विक संकटों में संतुलित भूमिका ने उसे विश्व राजनीति में अग्रणी बना दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी, खासकर रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में।
विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में इस तरह का उच्चस्तरीय आयोजन भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख को दर्शाता है। भारत अब सिर्फ एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णयों को दिशा देने वाला देश बनता जा रहा है। यह डिनर कूटनीतिक स्तर पर भारत-EU रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।









