
जावरा/रतलाम: शहर के वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी राजमल बरैया का 97 वर्ष की आयु में बुधवार रात निधन हो गया। उनके निधन के बाद प्रशासन द्वारा उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम यात्रा के दौरान उनके पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में लपेटा गया और गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मान प्रकट किया गया। यह सम्मान लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को समर्पित रहा।
परिवार की ओर से उनके पौत्र विपिन बरैया ने बताया कि राजमल बरैया का जन्म वर्ष 1930 में हुआ था। आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की बहाली के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके कारण उन्हें करीब 19 माह तक जेल में रहना पड़ा था। बताया गया कि वे पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। बीते दो दिनों में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई थी और बुधवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजमल बरैया अपने पीछे दो पुत्र, तीन पुत्रियां तथा भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उनके संघर्ष को याद किया। मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए परिवार ने उनके निधन के बाद नेत्रदान भी किया। लायंस क्लब के माध्यम से उनके नेत्र दान किए गए, ताकि किसी नेत्रहीन व्यक्ति को नई रोशनी मिल सके।
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