
छतरपुर: केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर ढोंडन गांव में चल रहा विरोध अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है। ग्रामीणों के उग्र विरोध और पुलिस के साथ लगातार टकराव के बीच पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संभावित दौरे की आहट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए इंदौर से अतिरिक्त रिजर्व पुलिस फोर्स बुलाई गई है।
बांध निर्माण स्थल पर पहले से ही 500 से अधिक जवान तैनात हैं, लेकिन हालात को देखते हुए अब चप्पे-चप्पे पर पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों और पुलिस के बीच बीते दिनों हुए पथराव और तनावपूर्ण घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।केन-बेतवा लिंक परियोजना, जिसे कभी विकास की बड़ी परियोजना माना जा रहा था, अब विरोध और राजनीतिक टकराव का केंद्र बनती दिखाई दे रही है।
कांग्रेस नेताओं जीतू पटवारी, अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार सहित करीब 150 लोगों पर दर्ज एफआईआर ने विवाद को और गहरा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेंगे। वहीं प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार रणनीति तैयार कर रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बढ़ते तनाव के बीच संवाद का रास्ता निकलेगा या ढोंडन का यह संघर्ष और उग्र रूप लेगा।
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